अमेरिका में फेंटानाइल संकट: भारत कैसे मदद कर रहा है? एफबीआई निदेशक काश पटेल ने बताया

अमेरिका में फेंटानाइल संकट में भारत मदद कर रहा 

एफबीआई निदेशक काश पटेल ने हाल ही में अमेरिका में जारी फेंटानाइल संकट पर चर्चा की और बताया कि ट्रंप प्रशासन इस समस्या से निपटने की कोशिश कैसे कर रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा अभियोजक और पूर्व संघीय लोक रक्षक के रूप में, पटेल ट्रंप प्रशासन के प्रमुख सहयोगियों में से एक रहे हैं। 6 जून को जो रोगन एक्सपीरियंस यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित एक पॉडकास्ट में, पटेल ने दावा किया कि उन्होंने हाल ही में भारतीय सरकार से संपर्क किया और इस संकट से निपटने के लिए सहायता मांगी। 

 

एफबीआई निदेशक काश पटेल 

उन्होंने कहा, "मैं अभी-अभी भारतीय सरकार से फोन पर बात करके आया हूँ। मैंने कहा कि मुझे आपकी मदद चाहिए। यह पदार्थ आपके देश में रहा है, और फिर वहां से इसे आगे बढ़ाया जा रहा है, क्योंकि भारत में फेंटानाइल का उपभोग नहीं किया जा रहा है।" 

  अमेरिका में फेंटानाइल संकट क्या है? 

अमेरिका में फेंटानाइल संकट एक गंभीर समस्या है, जिसमें ओवरडोज़ के कारण तेजी से मौतें हो रही हैं। यह संकट अवैध रूप से निर्मित फेंटानाइल, एक अत्यधिक शक्तिशाली सिंथेटिक ओपिओइड के कारण उत्पन्न हुआ है। मात्र कुछ कण भी किसी व्यक्ति की जान ले सकते हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि अक्सर लोग यह नहीं जानते कि वे जो दवा ले रहे हैं, उसमें फेंटानाइल मिला हुआ है। ड्रग डीलर्स हेरोइन, कोकीन और नकली दवाओं में इसे मिलाकर बेचते हैं, जिससे अनजाने में ओवरडोज़ का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। 

 आज 50 साल से कम उम्र के अमेरिकी वयस्कों की मौत का प्रमुख कारण फेंटानाइल बन चुका है। स्थिति इतनी भयावह है कि जीवनरक्षक दवा नालोक्सोन (Narcan) को अब पुलिस, परिवारों और स्कूलों तक में रखा जा रहा है। अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी (DEA) द्वारा चलाई जा रही सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों का संदेश साफ़ है"सिर्फ़ एक गोली भी जानलेवा हो सकती है।" 

  भारतीय सरकार की भूमिका पर काश पटेल की टिप्पणी 

काश पटेल का दावा है कि मेक्सिकन कार्टेल पहले भारत में फेंटानाइल भेज रहे हैं और वहां से इसे अमेरिका तक पहुंचाने के लिए विभिन्न रास्तों का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "अब वे सीधा अमेरिका नहीं भेज रहे हैं। वे भारत जैसे स्थानों में इसे भेज रहे हैं। मैं भारत में भी ऑपरेशन चला रहा हूँ। मेक्सिकन कार्टेल अब भी इसे मेक्सिको में बना रहे हैं, लेकिन अब वे इसे सीधे अमेरिकी सीमा पार नहीं भेज रहे हैं। वे इसे पहले वैंकूवर में भेज रहे हैं।" 

 उन्होंने यह भी कहा कि "अमेरिकी जनता को फेंटानाइल की गंभीरता और भयावहता का एहसास नहीं है। आप भारत, चीन, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड में फेंटानाइल से मौतों के बारे में नहीं सुनते।" 

इसके अलावा, पटेल ने भारत सरकार की भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा, "मैंने अभी भारतीय सरकार से बात की। मैंने कहा, मुझे आपकी मदद चाहिए, यह पदार्थ आपके देश से रहा है, और फिर वहां से आगे बढ़ाया जा रहा है, क्योंकि भारत इसका उपभोग नहीं कर रहा। वहाँ कोई मर नहीं रहा है। मुझे आपकी मदद चाहिए, इसलिए मेरा एफबीआई दल भारतीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों के प्रमुखों के साथ काम कर रहा है।" 

 क्या हो सकते हैं अगले कदम? 

पटेल ने कहा, "हम इस पर प्रतिबंध लगाएंगे, और जहाँ संभव होगा, वहां गिरफ्तारियाँ करेंगे। यह अब वैश्विक समस्या बन चुकी है, और यह इतनी गंभीर इसलिए हो गई है क्योंकि चार साल तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।" 

 यह एक गंभीर मुद्दा है, जिस पर अमेरिका और भारत सहित कई देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है। यदि आप चाहें, तो मैं इस रिपोर्ट को और संक्षेप में या अलग शैली में प्रस्तुत कर सकता हूँ! 🚀 

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